कश्मीर में क्यों आये विदेशी सांसद – European union Parliament delegation in KASHMIR

कश्मीर में क्यों आये विदेशी सांसद – Euripean union Parliament delegation in KASHMIR

हाल ही में यूरोपियन यूनियन के पार्लियामेंट के 27 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल अनाधिकारिक रूप से भारत पहुँचा, इनका भारत आने का मुख्य उद्देश्य कश्मीर में हुए बड़े फेरबदल यानी धारा 370 हटने के बाद सामान्य मानवीय जीवन और कश्मीर में अंदरूनी माहौल को जानना है।

अनाधिकारिक रूप से इसलिए कहा कि ये दौरा युरोपीयन यूनियन द्वारा नियोजित नही किया गया था ये सभी प्रतिनिधि भारत के व्यक्तिगत बुलावे पर कश्मीर से उठ रही असमंजस की स्तिथि का जायजा लेने भारत पहुँचे थे। 27 सदस्यों में से 4 सदस्य वापस चले गए उनका तर्क था कि कश्मीर विवादित मुद्दा है ओर वह इसका हिस्सा नही बनना चाहते है।

साथ में यह भी जानना जरूरी है की यह यूरोप के किसी देश के सांसद नही है ये सभी युरोपीयन यूनियन के पार्लियामेंट के सदस्य है जो की युरोपीयन यूनियन के लिए कानून बनाते है।

भारत द्वारा इन्हें बुलाये जाने का मुख्य कारण यह है की युरोपीयन यूनियन को मानवाधिकारों के हितों की रक्षा करने के लिए बहुत प्रभावी और निष्पक्ष माना जाता है इनकी राय को दुनिया भर में बहुत महत्वता मिलती है। भारत ने यह कदम पाकिस्तान द्वारा चलाये जा रहे झुटे प्रोपेगेंडा को रौंदने के लिए उठाया है दरअसल पिछले कुछ समय से पाकिस्तान बार-बार दुनिया भर में आरोप लगता रहा है कि भारतीय कश्मीर में लोगो के अधिकारों का हनन हो रहा है और उन्हें यातनाएं दी जा रही है।

यहाँ भारत का मुख्य केंद्र कश्मीर का सही चेहरा दुनिया के सामने युरोपीयन यूनियन के सांसदों द्वारा लाने की कोशिश थी जो कि हर मायने में भारत की अखंडता के लिए अच्छा कदम था। इस कदम ने कश्मीर को लोगो को अपनी बात दुनिया तक पहुचाने का मौका दिया जिसके परिणाम अभी तक भारत के लिए बेहद सुखद आये है।

Nirdesh Kudeshiya

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Pratiksha Srivastava

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