क्यों बन गए है ये खतरनाक पटाखे हमारी खुशियों का हिस्सा…

क्यों बन गए है ये खतरनाक पटाखे हमारी खुशियों का हिस्सा…

आज सुबह-सुबह खबर पढ़ी की कोर्ट ने दिवाली में पटाखे जलाने के लिए समय निश्चित कर दिया है, यानी अब आप सिर्फ 2 घंटे ही पटाखों का मजा ले सकते हैं. इससे जहां दिल्ली में कुछ लोग खुश हैं क्योंकि उन्हें आखिरकार पटाखे जलाने का पर्मीशन मिल गया वहीं कुछ लोग उदास भी हैं, कि सिर्फ दो घंटे में वो अपनी दिवाली कैसे मना पाएंगे.

खबर पढ़ कर अच्छा लगा कि चलो बंद ना सही मगर समय की पाबंदी से कुछ तो प्रदूषण पर लगाम लगेगा. और साथ ही साथ इस बात की भी खुशी हुई की पूरी रात भयानक आवाजें नहीं सुननी पड़ेगी. ना ही खतरनाक धुएं से दम घुटेगा. खुद अस्थमा की मरीज रह चुकीं हूं इसलिए ज्यादा समझती हूं,

लेकिन दूसरी तरफ दिमाग में ये भी चल रहा था, अगर दिवाली में पटाखे नहीं जलेंगे तो कैसे पता चलेगा की दिवाली है, वैसे तो ये सच है कि पहले भी जब पटाखे नहीं थे तो लोग बहुत ही खूबसूरत तरीके से इस दिन को मनाते थे, लेकिन बचपन से ही घर बाहर हर तरफ पटाखे की आवाज सुनी है, तो लगता है कि दिवाली हमेशा से ऐसी ही रही होगी, पटाखों के साथ…

वैसे पटाखे मानो आज की दौर में खुशियों का ही हिस्सा हो चले हैं, दिवाली करवाचौथ या न्यू इयर बिना इनकी आवाज के अधुरे से लगते हैं, यहां तक हम क्रिकेट भी जीत जाते हैं तो पटाखें जलाकर खुशियां मनाते हैं. पल भर के लिए तो मानो हम ये भूल बैठते हैं कि इससे कितने भयानक नुकसान है.. दो पल की खुशी के चक्कर में हम ना जाने कितना बड़ा नुकसान कर बैठते हैं.

खैर कोर्ट के आदेश के बाद देखना ये है कि इस आदेश का कितना पालन होता है, दोस्तों बिना पटाखे भी दिवाली खूबसूरत हो सकती है, और शायद ज्यादा सुरक्षित भी…

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Pratiksha Srivastava

A multi-talented girl possesses a degree in mass communications who is proficient in anchoring and writing content. She has experience of 3 years for working in various news channels like India TV, News 1 India, FM news, and Aastha Channel and her expertise lies in writing for multiple requirements including news, blogs, and articles. Follow@Twitter

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