आज है नवरात्र का पहला दिन, कौन- कौन से रूप में मां दुर्गा देती हैं दर्शन

आज है नवरात्र का पहला दिन, कौन- कौन से रूप में मां दुर्गा देती हैं दर्शन

कहते मां की भक्ति से ज्यादा कुछ भी नहीं, जो एक बार मां की उपासना करने लगा उसके हर दुख दर्द खत्म हो गए. पापियों के सर्वनाश का दिन, मां के भक्ति में सराबोर होने का दिन…ये नव दिन मां के अलग अलग रूपों को समर्पित है… जी हां पूरे देश भर में नवरत्री की धूम मची है, हर तरफ गरबा और डांडियां के उत्सव मनाए जा रहे है… देश के अलग अलग हिस्सों इसे अपने तरीके से मनाया जा रहा है…

तो चलिए आज हम भी बताते हैं, मां के अलग अलग रूपों के बारे में…

शैलपुत्री

वह पर्वत हिमालय की बेटी है और नौ दुर्गा में पहली रूप है, पिछले जन्म में वह राजा दक्ष की पुत्री थी. इस जन्म में उसका नाम सती-भवानी था और भगवान शिव की पत्नी के रुप में जानी जाती हैं.

ब्रह्माचारिणी

सरी उपस्तिथि नौ दुर्गा में माँ ब्रह्माचारिणी की है, ” ब्रह्मा ” शब्द उनके लिए लिया जाता है जो कठोर भक्ति करते है और अपने दिमाग और दिल को संतुलन में रख कर भगवान को खुश करते है, यहाँ ब्रह्मा का अर्थ है “तप”.

चंद्रघंटा

तीसरी शक्ति का नाम है चंद्रघंटा जिनके सर पर आधा चन्द्र (चाँद ) और बजती घंटी है, वह शेर पर बैठी संगर्ष के लिए तैयार रहती है. उनके माथे में एक आधा परिपत्र चाँद ( चंद्र ) है, वह आकर्षक और चमकदार है.

कुष्मांडा

माँ के चौथे रूप का नाम है कुष्मांडा है, ” कु” मतलब थोड़ा “शं ” मतलब गरम “अंडा ” मतलब अंडा. यहाँ अंडा का मतलब है ब्रह्मांडीय अंडा, वह ब्रह्मांड की निर्माता के रूप में जानी जाती है जो उनके प्रकाश के फैलने से निर्माण होता है.

स्कंद माता

देवी दुर्गा का पांचवा रूप है ” स्कंद माता “, हिमालय की पुत्री , उन्होंने भगवान शिव के साथ शादी कर ली थी, उनका एक बेटा था जिसका नाम “स्कन्दा ” था स्कन्दा देवताओं की सेना का प्रमुख था.

कात्यायनी

माँ दुर्गा का छठा रूप है कात्यायनी, एक बार एक महान संत जिनका नाम कता था , जो अपने समय में बहुत प्रसिद्ध थे.

कालरात्रि

माँ दुर्गा का सातवाँ रूप कालरात्रि है, वह काली रात की तरह है,  उनके बाल बिखरे होते है, वह चमकीले भूषण पहनती है.

महा गौरी

आठवीं दुर्गा ” महा गौरी है, ” वह एक शंख , चंद्रमा और जैस्मीन के रूप सी सफेद है, वह आठ साल की है,उनके गहने और वस्त्र सफ़ेद और साफ़ होते है, उनकी तीन आँखें है, उनकी सवारी बैल है.

सिद्धिदात्री

माँ का नौवा रूप है ” सिद्धिदात्री “, आठ सिद्धिः है, जो है अनिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, लिषित्वा और वशित्व, माँ शक्ति यह सभी सिद्धिः देती है.

Shilpi Sharma

A multi-talented girl possesses a degree in mass communications who is proficient in anchoring and writing content. She has experience of 3 years of working in various news channels like India TV, News 1 India, FM news, and Aastha Channel and her expertise lies in writing for multiple requirements including news, blogs, and articles. Follow@Twitter

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