जन्माष्टमी पर गलती से भी ना देखें भगवान श्रीकृष्ण की पीठ, वजह जानिए

जन्माष्टमी पर गलती से भी ना देखें भगवान श्रीकृष्ण की पीठ, वजह जानिए

जन्माष्टमी के मौके पर मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिलती है… लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान कृष्ण के दर्शन के वक्त उनकी पीठ नहीं देखनी चाहिए…कहते हैं कि ऐसा करने पर पाप के भागीदार बन सकते हैं…चलिए जानते हैं कि आखिर श्रीकृष्ण की पीठ के दर्शन करने से मना क्यों किया जाता है…


पौराणिक कथा के अनुसार जब श्रीकृष्ण जरासंध से युद्ध कर रहे थे, तब जरासंध का एक साथी असुर कालयवन भी भगवान से युद्ध करने आ पहुंचा…जब कालयवन श्रीकृष्ण के सामने पहुंचकर उन्हें ललकारने लगा…तब श्रीकृष्ण वहां से चले गए.. इस तरह रणभूमि से भागने के कारण उनका नाम रणछोड़ पड़ गया. बताते हैं कि कृष्ण भगवान के वहां से भागने की भी एक वजह थी…


दरअसल श्रीकृष्ण जानते थे कि उनका सुदर्शन कालयवन का कुछ नहीं बिगाड़ सकता…क्योंकि कालयवन ने पिछले जन्मों में बहुत पुण्य किए थे…कहते हैं कि भगवान कृष्ण किसी को भी तब तक सजा नहीं देते, जब तक पुण्य का बल शेष रहता है…


जब कृष्ण रण छोड़कर भागने लगे तो कालयवन ने उनकी पीठ देखी और वह भी भागने लगा…इस तरह उसका अधर्म बढ़ गया…कहा जाता है कि भगवान की पीठ पर अधर्म का वास होता है और उसके दर्शन करने से अधर्म बढ़ता है…


इस तरह कालयवन के पुण्य का प्रभाव खत्म हो गया.. वहीं श्रीकृष्ण एक गुफा में चले गए… जहां मुचुकुंद नाम का राजा निद्रासन में था…मुचुकुंद को देवराज इंद्र का वरदान था कि जो भी व्यक्ति राजा को नींद से जगाएगा, वो उनकी नजर पड़ते ही खत्म हो जाएगा..


बताते हैं कि गुफा में पहुंचकर भगवान कृष्ण ने अपनी एक पोशाक मुचुकुंद को उढ़ा दी…तब कालयवन ने मुचुकुंद को कृष्ण समझकर उठा दिया और राजा की नजर पड़ते ही राक्षस वहीं भस्म हो गया.चाहिए.. . इसलिए कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण की पीठ के दर्शन नहीं करने चाहिए.. ऐसा करने से हमारे पुण्य कर्म का प्रभाव कम होता है और अधर्म बढ़ता है…हमेशा कृष्ण भगवान के मुख की ओर से ही दर्शन करने चाहिए…

Avatar

Pratiksha Srivastava

A multi-talented girl possesses a degree in mass communications who is proficient in anchoring and writing content. She has experience of 3 years for working in various news channels like India TV, News 1 India, FM news, and Aastha Channel and her expertise lies in writing for multiple requirements including news, blogs, and articles. Follow@Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *