पाली वालो के गांव कुलधरा में अब सिर्फ रूहानी ताकतों का बसेरा

पाली वालो के गांव कुलधरा में अब सिर्फ रूहानी ताकतों का बसेरा

डर, खौफ और अनजानी ताकतों से घिरे इस कुलधरा का इतिहास डराने वाला है,सालों से वीरान पड़ा कुलधरा आज भी लोगो को डरा रहा है, डर ने लोगो को इस कदर जकड़ रखा है, कि लोग इस गांव का नाम सुनकर भी कांप जाते है, ना जाने कबसे लोग इस जगह के बारे में समझना चाहते हैं लेकिन कामयाबी उनके हाथ नहीं लग रा रही है, आखुर ऐसा क्या है यहां पर, कुलधरा गाँव के हज़ारों लोग एक ही रात मे इस गांव को खाली कर के चले गए थे और जाते जाते श्राप दे गए थे कि यहाँ फिर कभी कोई नहीं बस पायेगा. तब से  गाँव वीरान पड़ा हैं, कहा जाता है कि ये गांव रूहानी ताकतों के कब्जे में है, कभी हंसता खेलता ये गांव आज एक खंडहर में तब्दील हो चुका है.

पाली वालो के गांव कुलधरा में अब सिर्फ रूहानी ताकतों का बसेरा

क्या है कहानी

कहते हैं जहां औरत की इज्जत नहीं होती उस जगह का नाश होना तय है. हमारा इतिहास भी इस बात का गवाह रहा है, रमायण से महाभारत तक औरत के सम्मान को जिसने भी ठेस पहुंचाया उसका विनाश ही हुआ. इस गांव की कहानी भी ऐसी ही कुछ है, पालीवालो के इस गांव कुलधरा में रहने वाली एक  खूबसूरत लड़की पर एक अय्याश दीवान सालम सिंह की गन्दी नज़र  पड़  गयी थी, हद तो तब हो गई कि जब उस दीवान ने लड़की के घर संदेश भिजवाया कि अगर  अगले पूर्णमासी तक उसे लड़की नहीं मिली तो वह गांव पर हमला करके लड़की को उठा ले जाएगा, तब गांव वालों ने गांव खाली करने का फैसला कर लिया और रातोंरात सभी 84 गांव आंखों से ओझल हो गए, पर जाते जाते उन्होंने श्राप दिया कि आज के  बाद इन घरों में कोई नहीं बस पाएगा. और षायद यही वजह है कि आजतरक की वहां बस नहीं सका जिसने कोशिश भी की वो भी सफल नहीं हा, कुछ लोग वहां गए तो पर लौट कर नही आए. और इसी ले इस गांव को सरकार ने भूतिया घोषित कर दिया है.

पाली वालो के गांव कुलधरा में अब सिर्फ रूहानी ताकतों का बसेरा

खौफ और डर का बसेरा

सरकार ने यहां अपनी सुचना लगा रखी है, इस विरान पड़े इस खंहडरों में लोगो का जाना मना है, पालीवालों कें वीरान और उजड़े कुलधरा में हनुमान और श्री कृष्णा मन्दिर आज भी इस बात के साक्षी हैं, कि कभी यहां लोग बसते थे. कुलधरा पालीवालों का खुसहाल गांव था, लेकिन पता नहीं क्‍या हुआ कि एक दिन अचानक यहां फल-फूल रहे पालीवाल अपनी इस सरज़मीं को छोड़कर चले गये. स राज से आजतक पर्दा नहीं उठ सका है और शायद ही कभी उठ सके

 

Pratiksha Srivastava

Pratiksha Srivatava has a keen interest in writing news blogs info articles related to health, politics, food, entertainment, sports, fashion.

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